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कà¥à¤¯à¤¾ पनीर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? हां, शिशà¥à¤“ं के लिठसीमित मातà¥à¤°à¤¾ में पनीर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है। दरअसल, पनीर को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ माना जाता है, जिस कारण यह बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकता है (2)। यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है
शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर: फायदे, नà¥à¤•सान व वà¥à¤¯à¤‚जन | Paneer For Babies In Hindi
IN THIS ARTICLE
कà¥à¤¯à¤¾ पनीर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
शिशॠके खाने में पनीर कब शामिल किया जा सकता है?
शिशॠको कितना पनीर खिलाना चाहि�
पनीर में पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर खिलाने के फायदे
शिशॠके लिठपनीर के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर के वà¥à¤¯à¤‚जन
à¤à¤• बार जब बचà¥à¤šà¥‡ ठोस आहार का सेवन शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, तो धीरे-धीरे माता-पिता उनके डाइट में कई सारे पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल करना चाहते हैं। ये पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार ही हैं, जो बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में मदद करते हैं (1)। हालांकि, कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को लेकर माता-पिता के मन में उलà¤à¤¨ à¤à¥€ रहती है, जिनमें à¤à¤• नाम ‘पनीर’ का à¤à¥€ है। कई बार माता-पिता दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ में होते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में पनीर शामिल करना चाहिठया नहीं। à¤à¤¸à¥‡ में मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख के जरिठहम यह जानकारी देंगे कि शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं। साथ ही यहां आप छोटे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपनीर रेसिपीज à¤à¥€ पà¥à¥‡à¤‚गे। तो शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर के लाठऔर नà¥à¤•सान के साथ-साथ अनà¥à¤¯ सà¤à¥€ जरूरी जानकारियों के लिठलेख को अंत तक पà¥à¥‡à¤‚।
आइà¤, सबसे पहले यह जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपनीर का सेवन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं।
कà¥à¤¯à¤¾ पनीर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
हां, शिशà¥à¤“ं के लिठसीमित मातà¥à¤°à¤¾ में पनीर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है। दरअसल, पनीर को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ माना जाता है, जिस कारण यह बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकता है (2)। यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है (3)। वहीं, ये पोषक ततà¥à¤µ बचà¥à¤šà¥‡ के बेहतर विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• माने जाते हैं (1)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे बचà¥à¤šà¥‡ को हमेशा पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत (Pasteurized) दूध से बना ही पनीर दें (4)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे अनपाशà¥à¤šà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध या दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहानिकारक हो सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं जो बचà¥à¤šà¥‡ के लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकते हैं (5)।
अब जानते हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार में पनीर कब शामिल किया जा सकता है।
शिशॠके खाने में पनीर कब शामिल किया जा सकता है?
शिशॠके 6 महीने के होने के बाद से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थोड़ा-थोड़ा करके ठोस आहार देने की सलाह दी जाती है (6)। à¤à¤¸à¥‡ में इन ठोस आहार में पनीर को à¤à¥€ शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर देने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी में इस बात का जिकà¥à¤° मिलता है कि 8 से 12 महीने के बीच बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट में अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पनीर को à¤à¥€ शामिल किया जा सकता है (1)। हालांकि, बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर देने की सही उमà¥à¤° को लेकर मिलिजà¥à¤²à¤¿ जानकारी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• अनà¥à¤¯ रिपोरà¥à¤Ÿ में इस बात का जिकà¥à¤° मिलता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को 9 से 12 महीने की उमà¥à¤° से पनीर देना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिठ(7)।
à¤à¤¸à¥‡ में यह माना जा सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को 8 से 12 महीने के बीच पनीर देना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, पनीर डेयरी यानी दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ है और हर बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¤• जैसा नहीं होता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर बचà¥à¤šà¥‡ को डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है तो पनीर देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह जरूर लें। साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में पनीर शामिल करने के बाद कà¥à¤› दिनों तक इंतजार करें, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पता चल सके।
अब हम लेख के इस à¤à¤¾à¤— में शिशॠके आहर में पनीर कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में शामिल करना चाहिà¤, इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।
शिशॠको कितना पनीर खिलाना चाहि�
हर बचà¥à¤šà¥‡ की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अलग-अलग होती है, à¤à¤¸à¥‡ में हर शिशॠके लिठपनीर की खà¥à¤°à¤¾à¤• à¤à¥€ अलग-अलग हो सकती है। हालांकि, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠके आहार में 60 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक पनीर शामिल किया जा सकता है (7)। चाहें तो अनà¥à¤¯ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के साथ 1 चमà¥à¤®à¤š पनीर को शामिल कर सकते हैं (8)। हालांकि, बेहतर है बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ पनीर कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में देना है इस बारे में à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ जरूर करें। वहीं, बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर देने के बाद कà¥à¤› दिनों तक पनीर न देकर इंतजार करें कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पनीर सूट किया या नहीं। अगर बचà¥à¤šà¥‡ में किसी पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं होती है तो पनीर देना जारी रखें।
आगे पनीर में मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में जानकारी दी गई है।
पनीर में पाठजाने वाले पोषक ततà¥à¤¤à¥à¤µ
अब बात करते हैं पनीर में मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की जो इसे इतना पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ बनाते हैं। तो पनीर में मौजूद पोषक ततà¥à¤µ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (3):
100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पनीर में लगà¤à¤— 714 गà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, 321 केसीà¤à¤à¤² ऊरà¥à¤œà¤¾, 21.43 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, 25 गà¥à¤°à¤¾à¤® टोटल लिपिड (फैट) और 3.57 गà¥à¤°à¤¾à¤® कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ से समृदà¥à¤§ होता है।
इसके अलावा, 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पनीर में 18 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® सोडियम, 714 आईयू विटामिन-à¤, 16.07 गà¥à¤°à¤¾à¤® फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और 89 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² होता है।
अब जानते हैं छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर खिलाने के फायदे कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर खिलाने के फायदे
पनीर में मौजूद पौषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बाद अब यहां हम कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° तरीके से छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पनीर से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। बता दें ये लाठपनीर में मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ व गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर दिठगठहैं। तो बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपनीर के फायदे कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दांत और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिà¤
इसमें कोई शक नहीं है कि कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® शरीर के लिठà¤à¤• जरूरी पोषक ततà¥à¤µ है। बता दें कि शरीर 99 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® दांतों व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करता है(9)। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® दांतों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत करने के साथ-साथ मांसपेशियों, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और सामानà¥à¤¯ हà¥à¤°à¤¦à¤¯ गति के लिठà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है। वहीं बà¥à¤¤à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है (10)।
à¤à¤¸à¥‡ में अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ शिशॠके आहार में पनीर को शामिल कर उनमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की पूरà¥à¤¤à¤¿ की जा सकती है। इतना ही नहीं, पनीर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दांतों को सड़ने से à¤à¥€ बचा सकता है (11)। हालांकि, इसके पीछे पनीर का कौन सा गà¥à¤£ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी है इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं हो पाई। तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ दांत व हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठउनके आहार में पनीर को शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ और सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ विकलà¥à¤ª हो सकता है।
2. इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ के लिà¤
बड़ों के मà¥à¤•ाबले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• शकà¥à¤¤à¤¿ कम होती है (12)। वहीं, कमजोर इमà¥à¤¯à¥‚न पावर कई सारी गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकती है (13)। à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के इमà¥à¤¯à¥‚न पावर को बेहतर करने के लिठउनके आहार में पनीर को शामिल करना अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª जो सकता है। दरअसल, पनीर शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बेहतर करने में उपयोगी हो सकता है (11)।
3. ऊरà¥à¤œà¤¾ के लिà¤
बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शारीरिक विकास और अनà¥à¤¯ गतिविधियों के लिठà¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह ऊरà¥à¤œà¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और फैट यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिल सकता है (14)। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ की डाइट में पनीर को शामिल किया जा सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पनीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फैट और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ मौजूद होते हैं (3)।
4. विटामिन डी के लिà¤
बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठविटामिन डी à¤à¥€ जरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है (15)। दरअसल, विटामिन डी शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अवशोषण में मदद कर सकता है। यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मांसपेशियों, नरà¥à¤µ व इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® के लिठजरूरी है (16)। बता दें कि शरीर में विटामिन डी की कमी ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ और रिकेट जैसे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¥œà¥€ बीमारियों का जोखिम पैदा कर सकता है (17)। वहीं इनसे बचाव के लिठबचà¥à¤šà¥‡ की डाइट में पनीर को शामिल करना उपयोगी हो सकता है। दरअसल, पनीर विटामिन डी का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है, जिस वजह से यह बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउपयोगी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है (2)।
आजकल फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ दूध में विटामिन डी मौजूद होता है। à¤à¤¸à¥‡ में विटामिन डी यà¥à¤•à¥à¤¤ दूध से बने या विटामिन डी यà¥à¤•à¥à¤¤ फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ पनीर को बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पनीर से विटामिन डी मिल सकता है। हालांकि, इसके साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट में अनà¥à¤¯ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार à¤à¥€ जरूर शामिल करें।
5. बीमारियों का जोखिम कम करे
पनीर का सेवन कई तरह की बीमारियों के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है। दरअसल, फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ का कारण बनते हैं, जो कई सारी गंà¤à¥€à¤° बीमारियों जैसे – हà¥à¤°à¤¦à¤¯ रोग, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, कैंसर का जोखिम पैदा कर सकता है (18)। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को डाइट में शामिल कर फà¥à¤°à¥€ रैडिकल के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम किया जा सकता है और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ से बचाव किया जा सकता है (19)। वहीं, पनीर में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿ गà¥à¤£ मौजूद होते हैं। साथ ही साथ यह हृदय रोग और कैंसर जैसी गंà¤à¥€à¤° बीमारियों का जोखिम कम कर सकता है (11)। तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बीमारियों का जोखिम कम करने के लिठपनीर को उनकी डाइट में जरूर शामिल करें।
अब लेख के इस à¤à¤¾à¤— में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपनीर के नà¥à¤•सान से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारियों के बारे में पढ़ें।
शिशॠके लिठपनीर के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
हर चीज के फायदे और नà¥à¤•सान दोनों हैं। वैसे ही पनीर के अगर लाठहैं तो कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ हैं। à¤à¤¸à¥‡ में लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम सावधानी के तौर पर पनीर के कà¥à¤› नà¥à¤•सान के बारे में जानकारी दे रहे हैं। तो पनीर से होने वाले नà¥à¤•सान कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाय, à¤à¥ˆà¤¸ के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती हैं (20)। à¤à¤¸à¥‡ में दूध से बने पदारà¥à¤¥, जिनमें पनीर का नाम à¤à¥€ शामिल है, उससे à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का जोखिम हो सकता है।
पनीर में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है (3)। à¤à¤¸à¥‡ में इसके अधिक सेवन से आगे चलकर बचà¥à¤šà¥‡ में वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है (21)।
पनीर कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है (3)। वहीं, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अधिक सेवन से कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (22)।
नोट : बता दें कि बचà¥à¤šà¥‡ को पनीर देने के बाद कà¥à¤› दिन इंतजार करें, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पता चल सके। अगर पनीर देने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में किसी पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾ न हो तो पनीर का सेवन जारी रखें।
लेख में अब बारी आती है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपनीर के कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ व पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• रेसिपीज के बारे में जानने की।
शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर के वà¥à¤¯à¤‚जन
नीचे हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकà¥à¤› आसान और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पनीर रेसिपीज। ये न सिरà¥à¤« पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• हैं, बलà¥à¤•ि सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥€ हैं, तो ये आसान रेसिपीज कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1. पनीर सबà¥à¤œà¥€ पà¥à¤¯à¥‚री
Paneer Vegetable Puree
सामगà¥à¤°à¥€:
पनीर के 2-3 कà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¸
पà¥à¤¯à¥‚री को पतला करने के लिठथोड़ी दही
2 बड़े चमà¥à¤®à¤š हरे मटर
1 गाजर
बनाने की विधि:
सबसे पहले गाजर, मटर को उबाल लें।
फिर à¤à¤• बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में गाजर, मटर, पनीर के टà¥à¤•ड़े और दही डालकर पीस लें।
तैयार है पनीर व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पà¥à¤¯à¥‚री।
अब इसे बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚।
2. पनीर à¤à¥à¤°à¥à¤œà¥€
Paneer Bhurji
सामगà¥à¤°à¥€:
दो से तीन कà¥à¤¯à¥‚ब पनीर
à¤à¤• छोटी कटोरी में मिकà¥à¤¸ हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे – थोड़े मटर, आधा शिमला मिरà¥à¤š और टमाटर बारीक कटे हà¥à¤
चाहें तो मटर को उबालकर à¤à¥€ मिला सकते हैं, ताकि बचà¥à¤šà¥‡ के गले में न अटके।
सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° नमक
à¤à¤• से दो चमà¥à¤®à¤š तेल
बनाने की विधि:
सबसे पहले पनीर के टà¥à¤•ड़ों को मैश कर लें।
अब सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें।
चाहें तो सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को काटने से पहले à¤à¥€ धो सकते हैं।
अब à¤à¤• पैन या कड़ाही में तेल डालकर गरà¥à¤® करें।
जब तेल गरà¥à¤® हो जाठतो उसमें सà¤à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को डालकर थोड़ी देर पकाà¤à¤‚।
फिर सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जब नरà¥à¤® होने लगे तो इसमें मैश किया हà¥à¤† पनीर डाल दें।
इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह मिलाकर हलà¥à¤•ी आंच पर थोड़ी देर पकने दें।
जब पनीर और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पक जाठतो गैस बंद कर दें।
आप चाहें तो à¤à¥à¤°à¥à¤œà¥€ बनाते वकà¥à¤¤ à¤à¥à¤°à¥à¤œà¥€ को पूरी तरह मैश à¤à¥€ कर सकते हैं।
तैयार है बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ पनीर à¤à¥à¤°à¥à¤œà¥€à¥¤
इसे ठंडा करके बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚।
3. पनीर चीला
Paneer Cheela
सामगà¥à¤°à¥€:
आधा से à¤à¤• कप बेसन
50 गà¥à¤°à¤¾à¤® या दो से तीन कà¥à¤¯à¥‚ब मसला हà¥à¤† पनीर
à¤à¤• बारीक कटा पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
आधा बारीक कटा टमाटर
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š बारीक कटा धनिया पतà¥à¤¤à¤¾
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š तेल
नमक सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤°
बनाने की विधि:
à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में बेसन लें।
अब आवशà¥à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° पानी डालकर इसका गाढ़ा घोल बना लें।
फिर इसमें सà¤à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को डालकर अचà¥à¤›à¥‡ से मिकà¥à¤¸ करें।
अब इस घोल को दो मिनट के लिठछोड़ दें।
इस दौरान पनीर को अचà¥à¤›à¥‡ से मैश कर लें।
फिर तवे को गैस पर मधà¥à¤¯à¤® आंच पर रखें।
तवा गरà¥à¤® होने के बाद उसमें हलà¥à¤•ा तेल लगाà¤à¤‚।
फिर तवे में आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° घोल डालकर फैला लें।
इस दौरान ऊपर से पनीर और धनिया डाल लें।
फिर दोनों तरफ चीले को अचà¥à¤›à¥‡ से सेंक लें।
बस बनकर तैयार हो गया पनीर चीला।
नोट– पनीर की यह रेसिपी 1 साल या उससे बड़े बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहै। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे 1 साल से बड़े बचà¥à¤šà¥‡ के लिठतैयार रेसिपी में ही नमक या चीनी का उपयोग करें।
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में आपने जाना कि पनीर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकितना फायदेमंद है। पनीर सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और सेहत का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ मिशà¥à¤°à¤£ है। वहीं, पनीर की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ बढ़ाने के लिठऔर बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और सेहत दोनों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते हà¥à¤ यहां शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर के कà¥à¤› आसान रेसिपीज की à¤à¥€ जानकारी दी गई है। साथ ही सावधानी के तौर पर कà¥à¤› नà¥à¤•सान के बारे में à¤à¥€ बताया गया है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ माता-पिता सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में उनके आहार में पनीर को शामिल कर सकते हैं। साथ ही यह लेख अनà¥à¤¯ लोगों के साथ शेयर करके हर किसी को शिशà¥à¤“ं के लिठपनीर के लाठसे अवगत कराà¤à¤‚।
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